Sunday, November 27, 2011

ब्रिटिश शासन की लूट

रोबर्ट क्लाइव ९०० सोने चांदी के जहाज सिर्फ कलकत्ता के लूट कर ले गया था

मियामी। करीब 70 साल बाद ब्रिटिश शासकों द्वारा भारत से लूटे गए खजाने से लदे एक ब्रिटिश जहाज ‘एसएस गायरसोपा’ को फ्लोरिडा की समुद्र खोजकर्ता कंपनी ‘ओडिसी मैरीन एक्सप्लोरेशन’ ने समुद्र की गहराइयों में खोज निकाला है।
इसमें 219 टन चांदी लदी हुई थी। चांदी की उस समय कीमत थी 6 लाख पाउंड थी, जिसकी वर्तमान कीमत 210 मिलियन डॉलर (करीब 10.30 अरब रुपए) आंकी गई है।
यह जहाज आयरलैंड से 490 किमी दूर अटलांटिक महासागर में डूब गया था। 1941 में कलकत्ता (कोलकाता)दरगाह से गालवे-आयरलैंड जाते समय समुद्री तूफान और जर्मनी की टॉरपीडो मिसाइलों के कारण। ये मिसाइलें इसलिए छोड़ी गई थीं क्योंकि उस समय द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था।

७० साल पहले अंग्रेजों ने लूटा था, अब सागर में मिला हमारा खजाना -मई 2007 में भी ग्रिबाल्टर की खाड़ी में डूबे एक जहाज को खोजा गया था, जिसमें से 50 लाख चांदी के सिक्के मिले थे। इस जहाज का नाम था ‘ब्लैक स्वान’। यह 1804 में डूबा था और इसके खजाने पर स्पेन ने दावा किया था। यूनेस्को के अनुसार दुनियाभर के समुद्रों में करीब 30 लाख जहाज डूबे हुए हैं। जिनकी खोज हो तो खरबों रुपयों को खजाने प्राप्त हो सकते हैं। 
 
८० फीसदी खजाना कंपनी का, बाकी ब्रिटेन का - प्रोजेक्ट मैनेजर एंड्रयू क्रेग ने बताया कि इस खजाने में से 80 फीसदी हमारी कंपनी को मिलेगा और शेष २० फीसदी ब्रिटेन की सरकार लेगी। यह इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी समुद्री खोज है।

कैसे खोजा - कंपनी ने रिमोट से चलने वाले ओडिसी एक्सप्लोरर को समुद्र में उतारा और ऊपर जहाज पर बैठ कर कम्प्यूटर के जरिए इसका संचालन किया। ये रोबोटिक समुद्री वाहन हजारों मीटर नीचे गहराई में उतर सकता है।

खजाने की कीमत - जहाज में लदे वस्तुओं की उस समय कीमत थी 6 लाख पाउंड, जिसकी वर्तमान कीमत 210 मिलियन डॉलर (करीब 10.30 अरब रुपए) आंकी गई है।

कहां डूबा - आयरलैंड से ४९० किमी दूर अटलांटिक महासागर में १५,४०० फीट नीचे।

१९४१ में २१९ टन चांदी ले जा रहा ब्रिटिश जहाज डूबा था अटलांटिक महासागर में कैसे डूबा - फरवरी १९४१ में कलकत्ता (कोलकाता) बंदरगाह से गालवे-आयरलैंड जा रहा ४१२ फीट लंबे गायरसोपा जहाज को अटलांटिक महासागर में सामना करना पड़ा दो मुसीबतों का। एक तो समुद्री तूफान और दूसरा जर्मनी की टॉरपीडो मिसाइलों का। ये मिसाइलें इसलिए छोड़ी गई थीं क्योंकि उस समय द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था।

आयरलैंड के पास यहां पर डूबा था।

कोलकाता से चला था।

तस्वीरों में जहाज - कंपनी द्वारा जारी की गई तस्वीरों में जहाज पर बनी सीढिय़ां, डेक, कंपास और टॉरपीडो के हमले से बने छेद साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। ये तस्वीरें ली हैं ओडिसी मैरीन एक्सप्लोरर के कैमरे से।

मियामी/नई दिल्ली - हमारा देश पहले सोने की चिडिय़ा था, जिसे पहले अंग्रेजों ने लूटा फिर मुगल शासकों ने। करीब ७० साल बाद ब्रिटिश शासकों द्वारा भारत से लूटे गए खजाने की एक बार और पुष्टि हुई है। हुआ यूं कि हमारे खजाने से लदे एक ब्रिटिश जहाज ‘एसएस गायरसोपा’ को फ्लोरिडा की समुद्र खोजकर्ता कंपनी ‘ओडिसी मैरीन एक्सप्लोरेशन’ ने समुद्र की गहराइयों में खोज निकाला है। इसमें लदी हुई थी २१९ टन चांदी। इसके अलावा लोहा और चाय भी लदा हुआ था।

चाय : १,७६५ टन

लोहा : २,६०० टन

चांदी : २१९ टन 

हाल ही में ब्रिटिश सरकार द्वारा नियोजित खोजी संस्था Odyssey Marine Exploration ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में लगभग 4700 मीटर गहराई में एक ४१२ फुट लम्बी विशाल जहाज SS Gairsoppa को खोज निकाला है, जो भारत से इंग्लॅण्ड जाते हुए  17 फरबरी 1941 को समुन्दर में डूब गयी थी. इस जहाज में लगभग 200 टन चांदी के इलावा २६०० टन लोहा, 1765 टन चाय  आदि  पाई गयी है. ब्रिटिश सरकार भारत से तो खरीद करके लेने का तो कोई प्रमाण नहीं है, निश्चित ही यह भारत से लूट के ली जा रही थी. यह स्व. राजीव भाई के व्याख्यान को प्रमाणित करता है की अंग्रेज़ शासक भारत से मूल्यवान खनिज, सोना, चांदी, हीरे, जवारात आदि जहाज भर भर के अपने देश ले गए थे.

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